Hindi Kahaniya ससुराल के सस्कारों ने सिखाया बहु को सबक ( Family )

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Hindi Kahaniya ससुराल के सस्कारों ने सिखाया बहु को सबक ( Family )

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Hindi Kahaniya ससुराल के सस्कारों ने सिखाया बहु को सबक
Hindi Kahaniya ससुराल के सस्कारों ने सिखाया बहु को सबक

Hindi Kahaniya दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं, ऐसे घर कलयुग में बहुत कम होते जा रहे हैं। जहां पर मां-बाप को घर की मुख्य बुनियाद मानते हैं। एक बेटे की शादी करते ही घर का माहौल चेंज होने लगता है। पता नहीं क्यों आजकल परिवार की खुशियां पहली सी नहीं रही। आइए रुबरु होते हैं कुछ ऐसी ही एक कहानी से… Hindi Kahaniya 

राजेश के पिता की मृत्यु काफी समय पहले हो चुकी थी। अब राजेश अपने पैतृक गांव को छोड़कर मां के साथ शहर में रहने लगा। राजेश एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर की पोस्ट पर काम कर रहा था। राजेश की मां शहर में ही उसकी शादी की बात चलाने लगी और एक मॉडर्न ख्यालों वाली लड़की को उन्होंने अपने घर की बहू बना लिया।

कुछ दिनों तक तो सब ठीक था। पर मॉडर्न लड़की को धीरे धीरे मां से शिकायत होने लगी और वो मां से तो कुछ नहीं कहती, पर राजेश को हर बात 2 – 4 लगाकर सुनाने लगी। राजेश ने इस बात को पहले तो गंभीरता से नहीं लिया. पर धीरे-धीरे ये बोतें बढ़ने लगी अब मां भी बहू की कुछ बातें राजेश से कहने लगी। पर मां की बातों में सच्चाई थी।

राजेश के सामने बड़ी दुविधा थी कि वो किसको समझाएं और किसको डांटे राजेश इस उलझन में पड़ता ही जा रहा था। वो ना तो मां को कुछ बोल सकता था. ना बहू के खिलाफ कुछ बोलता। राजेश ने अपनी पत्नी को समझाने की कोशिश की पर वो कहां मानने वाली थी। राजेश अपनी मां के पास जाकर बोलता है, मां आप हमेशा बड़े से बड़े परिवार को संभालते आए हो और ये अभी बड़े परिवार के बारे में कुछ नहीं जानती हैं। मां आप ही इसका कोई हल निकालो ताकि यह रोज-रोज का टंटा खत्म हो।

मां मैं जानता हूं, आपकी कोई गलती नहीं है. पर उसे कुछ समझाने के बजाय कुछ करना होगा। अब बहू को कुछ समझाने के लिए एक प्लान बनाया गया। मां को कुछ दिनों के लिए गांव भेज दिया और दो दिन बाद करीब रात को 2:00 बजे राजेश के पेट में बहुत जोर का दर्द होने लगा. ये दर्द राजेश की एक्टिंग थी। दर्द इतनी तेज था कि राजेश जोर जोर से चिल्लाने लगा. राजेश की पत्नी रश्मि को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए। राजेश की हालत देख वह भी भावुक होने लगी और रोने लगी।

उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था, कि इतनी रात को करें तो क्या करें. राजेश जोर जोर से दर्द से तड़प रहा था। रश्मि ने डॉक्टर को फोन करने की कोशिश की पर कोल नहीं लग पा रहा था। गाड़ी वाले से बात हो नहीं पा रही थी।

रश्मि को अचानक मां को फोन करने का ख्याल आया और उसने मां को फोन किया मां ने थोड़ी देर में ही फोन उठा लिया. और पूछा, अरे बेटा इतनी रात को फोन क्यों, क्या हुआ सब ठीक तो है।

रश्मि रोते हुए बोलती है, मां राजेश का बहुत जोर से पेट दर्द हो रहा है. मेरे कुछ समझ में नहीं आ रहा है, मैं क्या करूं। आप भी हमें अकेले छोड़कर चली गई। अब मैं क्या करूं मां ने कहा बेटा घबराओ मत मैं जो कहती हूं वो करो. आप रसोई में जाकर मेथी दाना, सोंठ और नमक मिलाकर राजेश को खिलाओ थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा।

रश्मि ने तुरंत बताये नुक्से को अपनाया और राजेश थोड़ी देर बाद नॉर्मल हो गया। रश्मि अब राजेश को गले लगा कर जोर से रोने लगी और कहां आप की ऐसी हालत मुझसे बर्दाश्त नहीं होती.

आज माजी नहीं होती तो क्या होता. रश्मि ने मां को फोन किया और कहा, मां आप कल ही वापस आ जाइए. मैं अब समझ गई हूं, कि परिवार में बड़े सदस्यों का क्या महत्व होता है. मैं अपनी गलतियों के लिए आपसे क्षमा मांगती हूं। अब आप सुबह ही घर आ जाना प्लीज.

मां ने कहा ठीक है, बेटा मैं आती हूं .

छोटे से नुक्से ने पूरे परिवार को पिर से खुशियो से भर दिया ।

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