Sharp Mind Swami Vivekananda

Sharp Mind | स्वामी विवेकानंद जी ने बताएं दिमाग को तेज करने के 4 अचूक मंत्र

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Sharp Mind | स्वामी विवेकानंद जी ने बताएं दिमाग को तेज करने के 4 अचूक मंत्र

How to Make Sharp Mind

Swami Vivekananda Sharp Mind
Swami Vivekananda Sharp Mind

हेलो दोस्तों, इस आर्टिकल में आप पढ़ेंगे स्वामी जी द्वारा बताए गए दिमाग तेज Sharp Mind करने के अचूक मंत्र.स्वामी जी द्वारा बताए गए चार मंत्र आप सही से फॉलो करते हैं, तो तेज दिमाग करने की दिशा में बहुत ज्यादा फायदा हो सकता है। ये 4 तरीके फॉलो करने पर इंसान मस्तिष्क की ऊर्जा को काफी विकसित कर सकता है। Power of Mind

स्वामी जी द्वारा बताएंगे 4 तरीके बहुत ही आसान और असरकारक ह।.बस आपको बताया गए चार काम सही तरीके से करने हैं। पहला काम है: Power of Subconscious mind

1.करने योग्य काम और ना करने योग्य काम का सही निर्णय करें:-(Make the right decision of doable and unworkable work)

दोस्तों, स्वामी जी के बारे में आप एक बार तो जरूर जानते ही होंगे, स्वामी जी एक पुस्तक को सिर्फ एक बार ही पढ़ते थे और उस पूरी पुस्तक का भावार्थ कुछ ही देर में तुरंत सुना देते थे। ऐसा तेज दिमाग स्वामी जी के अलावा और कौन रख सकता है।

दोस्तों स्वामी जी कहते हैं, “जो इंसान करने योग्य काम में ना करने योग्य काम बखूबी ढूंढ सकता है और ना करने योग्य काम में भी करने योग्य काम ढूंढ सकता है। वह इंसान तेज दिमाग और विवेकशील बुद्धि के माध्यम से ही ऐसा कर सकता है।” अन्यथा लोगों को पता ही नहीं होता अच्छा का और पूरा काम आखिर होता क्या है।

स्वामी जी का कहना है, “अगर इंसान अच्छे काम में बुरे काम की पहचान कर सकता है और बुरे काम में  भी अच्छे काम की पहचान कर सकता है, ऐसे लोग ही अपने दिमाग का सही इस्तेमाल कर सकते हैं।”

दोस्तों कार्यों में निर्णय करने की क्षमता सिर्फ और सिर्फ मस्तिष्क के पास ही होती है। इसलिए दोस्त अच्छे बुरे कामों का निर्णय धर्म संगत ही होना चाहिए। सही कार्यों की पहचान करना इंसान के लिए इतना आसान नहीं होता परंतु, अगर धर्मार्थ सोच के अनुसार निर्णय किया जाए तो सब कुछ आसान हो सकता हैं। दूसरा का जो करना हैं:-

2. अपनी जिज्ञासा की तुरंत पूर्ति करें:-(Immediately satisfy your curiosity)

दोस्तों तेज Sharp Mind दिमाग के लिए यह कदम बहुत कारगर साबित हो सकता है। जो आप करना चाहते हैं, जो आपकी सोच है, जो आपके मन में जानने की इच्छा है, जो जिज्ञासा हैं। उसे तुरंत किसी भी माध्यम से पूर्ण करें। वह माध्यम किताबें भी हो सकती हैं।

दोस्तों स्वामी जी कहते हैं, “मस्तिष्क में आए उन सभी विचारों पर गौर करें, जो आपको लाभ दे सकते हैं। अन्य विचारों पर गौर करने का कोई फायदा नहीं हैं।”

तीसरा  का जो बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है:-

3. पढ़ना और सीखना आपकी मजबूरी नहीं ज़ज़्बा होना चाहिए:-(Reading and learning should not be your compulsion)

दोस्तों पढ़ना और सीखना ऐसी चीज है जो कभी भी ज़बरदस्ती प्राप्त नहीं की जा सकती। जब तक इंसान के भीतर इसकी जरूरत महसूस नहीं होगी, तब तक इसे दुनिया की कोई ताकत ज़बरदस्ती ग्रहण नहीं करा सकती।

दोस्तों स्वामी जी कहते हैं. “इंसान ज्ञान तब तक ग्रहण नहीं कर सकता, जब तक उसे अपने जीवन को बेहतर बनाने की जरूरत महसूस ना हो”। चौथा का जो कि बहुत महत्वपूर्ण हैं:-

4. भावनाओं में भावुक होने के बजाय उन्हें समझें:-(Instead of being emotional in feelings, understand them)

 दोस्तों, अगर मस्तिष्क को तेज बनाना है, तो पहले विचारों में शुद्धता बहुत जरूरी है। अक्षर आपने ऐसे लोगों को देखा होगा जो छोटी-छोटी बातों पर भावुक हो जाते हैं और उसी भावुक अवस्था में पागलों की तरह व्यवहार करना शुरू कर देते हैं। ये मस्तिष्क की कमज़ोरी की निशानी होती हैं, क्योंकि दोस्तों भावनाएं मस्तिष्क को बहुत ज्यादा प्रभावित करती है। इसलिए भावनाओं को शुद्ध विचारों के साथ समझना शुरू करें।

दोस्तों स्वामी जी कहते हैं, “भावनाएं इंसान की बड़ी और गहरी शक्ति है, इस शक्ति का इस्तेमाल दिमाग से शुद्ध विचारों के साथ ही किया जा सकता है।” दोस्तों दिमाग कि जो खुराक है वह शुद्ध विचारों पर निर्भर करती है,खुद को हल्का रखने की शक्ति दिमाग पर कभी ज्यादा जोर नहीं पड़ने देती और जिस दिशा में मस्तिष्क को काम करना चाहिए, उसी दिशा में वह बखूबी काम करने में सक्षम होगा।

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