Swami Vivekananda

Swami Vivekananda स्वामी जी ने बताया सुखी जीवन का रहस्य The Secret of Life

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Swami Vivekananda स्वामी जी ने बताया सुखी जीवन का रहस्य The Secret of Life

Swami Vivekananda स्वामी जी ने बताया सुखी जीवन का रहस्य

 

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 हेलो दोस्तों, (Swami Vivekananda)आप इस लेख में जानेंगे स्वामी जी द्वारा बताए गए सुखी जीवन के महत्वपूर्ण रहस्य यह बारे में कुछ खास पहलू। पर इस लेख को पूरा पढ़ें। स्वामी जी ने जीवन के बहुत बड़े रहस्य को बहुत ही सरल भाषा में समझाया है।

स्वामी जी कहते हैं. हर इंसान अपने जीवन में सुख चाहता है, और इसके लिए पागल हुआ जा रहा है। आज के इंसान की दौड़ जिस तरफ है। उस तरह सिर्फ दुख ही है। क्योंकि खुश जैसा कुछ होता ही नहीं है। स्वामी जी कहते हैं, सुख की खोज में इंसान सिर्फ और सिर्फ ज्ञान को ही पता है। दोस्तों स्वामी जी यह भी कहते हैं, सुख और दुख दोनों ही सही मायने में शिक्षा के माध्यम है इसके अलावा कुछ नहीं है।

आज का इंसान पैसा,गाड़ी,बंगला और वैभव को सुख समझने की भूल करता है। हां, ये सब जीवन में कुछ सुविधा तक तो ठीक है। परंतु इन सबसे कभी सुख नहीं मिलता। स्वामी जी कहते हैं, इंसान के सुख की सबसे बड़ी खान उसका ज्ञान है, उसकी एजुकेशन है।

दोस्तों, स्वामी जी को पूरी दुनिया कब जाने लगी थी?  जब उन्होंने अमेरिका के शिकागो में एक धार्मिक सम्मेलन में भाषण दिया था। यह तो आप सभी जानते हैं। पर उससे पहले  स्वामी जी भारत से अमेरिका गए तब उनके साथ कई छोटी मोटी घटनाएँ घटी। स्वामी जी का सारा सामान चोरी हो गया था। यहां तक कि उनके सारे पैसे भी निकाले गए थे। स्वामी जी ने यहां पर परिस्थितियों को ज्यादा महत्व न देकर ज्ञान को महत्व दिया।

 इंसान को हर परिस्थिति में सुख और दुख को समान देखना होता है। क्योंकि सुख और दुख ही है जो इंसान को परिस्थितियों से लड़ना सिखाते हैं।

 एक बात, बड़ी अहम है, सुख से ज्यादा दुख ने, अमीरी से ज्यादा गरीबी ने और स्वास्थ्य से ज्यादा बीमारी ने इंसान के ज्ञान को बढ़ाया है। दुख ही है जो, सुख के आनंद का एहसास कराता है। जब आदमी बीमार होता है तब अच्छे स्वास्थ्य की कीमत पता चलती है।

दोस्तों आज स्वामी जी को पूरी दुनिया बड़े दार्शनिक के रूप में जानती है। परंतु उन्होंने सबसे ज्यादा अपनी परिस्थितियों से सीखा है। स्वामी जी का महान बनने तक का सफर इतना आसान नहीं था। स्वामी जी का जीवन संघर्षों से भरा हुआ था। फिर भी उन्होंने लक्ष्य को नहीं छोड़ा। You Tube Video:- देखने के लिए यहाँ क्लिक करें  

दोस्तों स्वामी जी कहते हैं, एक जानवर अपनी इंद्रियों से सुख पाता है, और इंसान अपने ज्ञान,अपनी बुद्धि से सुख पाता है। स्वामी जी कहते हैं, सुख-दुख सिर्फ एक बुद्धि की कल्पना है और कुछ नहीं।

इसलिए दोस्तों, जो आप सीख सकते हैं वह आपका सबसे बड़ा सुख है, और इसी दिशा में निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। क्योंकि आपके ज्ञान और विवेक से बड़ा कोई दूसरा सुख  नहीं है।

 स्वामी जी ने हमेशा से ही युवाओं को प्रेरित करने के लिए अपना सबसे बेहतरीन समय युवाओं को दिया। स्वामी जी का मानना है कि अगर युवा पीढ़ी सही रास्ते पर है तो भविष्य की चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। अगर हमारी युवा पीढ़ी कुछ क्षणिक सुख में फंसकर अपना समय बर्बाद करेगी, तो आने वाले समय को हम कभी भी सुखमय नहीं कह सकते। ये जरूर पढ़े:- अब पल भर में विकसित होगी 3 अच्छी आदतें

क्योंकि सुखमय समय सिर्फ और सिर्फ आज की युवा पीढ़ी की सोच, ज्ञान और विवेक पर ही निर्भर करता है। इसलिए स्वामी जी ने युवा पीढ़ी को बार-बार आह्वान किया है, कहते हैं, अपने भविष्य की चिंता ना करके वर्तमान में अपने ज्ञान को विकसित करें तो जीवन में कभी भी उन्हें बड़े दुखों का सामना नहीं करना पड़ेगा। स्वामी जी यह भी कहते हैं की वर्तमान में छोटी-छोटी ग़लतियों को सुधारते चलो भविष्य में कभी बड़ी गलती का सामना नहीं करना पड़ेगा। 

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