Lockdown ki Love Story

Lockdown ki love Story | Romantic Lockdown ki Story | लॉक डाउन में हुआ प्यार

लव स्टोरी

Lockdown ki love Story | Romantic Lockdown ki Story | लॉक डाउन में हुआ प्यार

दोस्तों, आपने यह कहावत तो सुनी ही होगी “प्यार और जंग में सब जायज है।” हम जंग की बात तो नहीं कर रहे। पर प्यार में सब जायज है, यह बड़ा सुंदर वाक्य है। प्यार अपने किरदारों को कहीं से भी ढूंढ निकाल लेता है। आज आप जो Love  Story पढ़ने जा रहे हैं। वह Romantic love story तो है ही, साथ ही विश्व में चल रही महामारी के चलते लगे “Lockdown ki Love Story” भी कह सकते हैं। ये कहानी Lockdown में ज्यादा Romantic बनती हैं। इसी दौरान प्यार की आगे की कहानी पढ़ने में आपको मजा और प्रेम की खूबसूरती का एहसास होने वाला है। चलिए शुरू करते हैं आज की “लॉकडाउन की लव स्टोरी।” >>>>>

Lockdown ki love story
Lockdown ki love story

 

बात उन दिनों की है, जब रश्मि किसी लड़के से बात तक करना पसंद नहीं करती थी। उसका मानना था प्यार, इश्क यह सब समय के भूत हैं। देर सवेर उतर ही जाते हैं। पर रश्मि उस बात से कतई तैयार नहीं थी। कि एक दिन यह इश्क का भूत उसे भी जकड़ लेगा। आपको रश्मि की कहानी जानकर बड़ा मजा आने वाला है। कैसे रश्मि के ये ख्याल बदल जाते हैं? और इश्क को ही अपना सब कुछ न्योछावर करती चली जाती है।

 दरअसल रश्मि को लगता था कि एक लड़का उसका रोज पीछा करता है। रश्मि उस लड़के को कई बार कॉलेज में भी देख चुकी थी। पर उसने कभी उस लड़के को नोटिस नहीं किया।

एक दिन रश्मि बाजार से सामान खरीद रही थी कि वह लड़का भी उसी दुकान से सामान खरीदने आ जाता है। उस लड़के को पता नहीं था कि रश्मि भी यहीं पर है। बस वो सीधा आया और दुकान वाले से सामान देने को कहने लगा। रश्मि ने उस लड़के को देख लिया। पर कुछ बोली नहीं। लड़के का दुकान वाले से सम्मान के साथ बात करना और चुपचाप सामान लेकर चले जाना रश्मि को अच्छा लगा। लड़का अपनी बाइक पर बैठने ही वाला था कि सामने से रश्मि दुकान से वापस घूम रही थी और लड़के की नजर रश्मि पर पड़ती है। अब रश्मि को ध्यान नहीं था कि वह लड़का उसे देख रहा है।

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 रश्मि अपनी स्कूटी में सामान रखी रही थी कि अचानक एक कार ने रश्मि और खड़ी स्कूटी को टक्कर मार दी। रश्मि स्कूटी सहीत सड़क पर गिर जाती है। शायद रश्मि को सिर पर चोट लगी थी। आसपास के लोग इकट्ठा होने लगे। वह जो लड़का रश्मि को देख रहा था वह तुरंत रश्मि को संभालता है और कॉल टू एंबुलेंस के लिए कहता है। तुरंत उसे हॉस्पिटल एडमिट करवाया जाता है। रश्मि को ट्रीटमेंट मिलने के लगभग 2 घंटे बाद चेतना आती है।

 रश्मि ने देखा कि उसके आसपास काफी सारे फैमिली मेंबर्स खड़े हैं। रश्मि ने सभी से कहा,  “मैं ठीक हूं। आप परेशान मत होइए और घर चले जाओ।” सभी ने रश्मि की बात मान ली। रश्मि ने डॉक्टर से कहा, ” मुझे हॉस्पिटल किसने पहुंचाया?” डॉक्टर ने कहा, “आपको इन महाशय (लड़के की तरफ इशारा करते हुए कहा) ने हॉस्पिटल पहुंचाया है। डॉक्टर ने सभी से कहा कि आप लोग कोविड-19  के नियमों का पालन करें और मास्क पहने। अभी हम एक बहुत बड़े वायरस की चपेट में आ रहे हैं। इसलिए  सतर्क रहें।

 रश्मि  ने उस लड़के को धन्यवाद कहा और उसका नाम पूछा। लड़के ने अपना नाम रिधम बताया और कहा, “मैंने आपको पहले भी देखा है, मैं आपकी कॉलेज में ही पढ़ता हूं और आपसे कई बार बात करना चाहता था पर हिम्मत ही नहीं कर पाया।” रश्मि ने कहा, “क्या बात करना चाहते थे आप?” रिधम ने कहा, “मैं इस कॉलेज में कुछ दिनों के बाद आया था और पहले कुछ टॉपिक्स पर आपकी मदद चाहता था। मैं आपके घर के पास ही रहता हूं।” रश्मि ने कहा, “कोई बात नहीं मैं आपकी मदद जरूर करूंगी। हम जल्दी मिलते हैं।”

 अब कोविड-19 के चलते लोक डाउन की घोषणा हो चुकी थी। रिधम ने रश्मि को फोन किया और कहा, “क्या हम इस समय को यूटिलाइज कर सकते हैं?”  रश्मि ने कहा, “हां हां क्यों नहीं, हम अब कुछ टॉपिक पर बात कर सकते हैं।”

अब दोनों फोन पर 1 – 2 घंटे तक स्टडी टॉपिक्स पर बात करने लगे। यह सिलसिला करीब 1 सप्ताह तक चलता रहा। रश्मि को रीधम के बात करने का तरीका बड़ा अच्छा लगता था। अब उसे रिधम के कॉल का इंतजार होने लगा। रिधम पहले रश्मि को मैसेज किया करता था कि क्या हम अभी शुरू कर सकते हैं। पर रश्मि उसकी आवाज सुनने को बेताब रहती थी। इसलिए रश्मि का तुरंत रिप्लाई आता था “Yes” अब रश्मि यह भूली जा रही थी कि प्यार व्यार, इश्क विश्क कुछ नहीं होता। वह धीरे-धीरे इस जाल में फंसती जा रही थी।

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 1 दिन रिधम ने कोई मैसेज नहीं किया नहीं कॉल किया। 2 दिन निकल गए। रश्मि ने सोचा क्या हो सकता है आज रिधम ने कॉल क्यों नहीं किया।  ऐसा सोचकर उसने खुद ही कॉल कर लिया। रिधम ने कॉल उठाया और कहा, “मेरी  मम्मी की तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए घर का काम मुझे ही करना होता है। हम फैमिली में सिर्फ 3 लोग ही रहते हैं मम्मी पापा और मैं।” रश्मि ने कहा, “तो खाना कौन बनाता है?” रिधम ने हंसते हुए कहा, “मैं ही कोशिश करता हूं।” इस पर रश्मि की भी थोड़ी सी हंसी निकल जाती है। रिधम ने कहा, “इस लॉकडाउन में हम बाहर से भी खाना नहीं मंगवा सकते।”

रश्मि ने पूछा, “तुम क्या-क्या बना लेते हो?” रिधम ने कहा, “मुझे कुछ ज्यादा बनाना नहीं आता बस दाल और रोटी, जो भी पूरी तरह से गोल नहीं बना पाता और जैसे भी बनती है हम आपस में बिना शिकायत के खा लेते हैं।” रश्मि यहां पर आप जोर से हंसने लगती है।” रश्मि ने कहा, “तो क्या अब मुझे खाना  बनाने में भी आपकी मदद करनी होगी ?” रिधम ने कहा, “अगर आप कर सके तो बहुत बढ़िया रहेगा मेरे लिए।”

 रश्मि ने करीब 15 दिन में रिधम को खाना बनाने में परफेक्ट बना दिया। अब तो रिधम की मम्मी भी पूछने लगी, “क्या बात है रिधम तूने तो मुझे भी फेल कर दिया। यह सब तुझे कहां से सीखने को मिल रहा है।” रिधम ने कहा, “मेरी एक दोस्त है वह सब मुझे सिखाती है।” मां ने चौंकते हुए, “क्या सिखाती है? तुम्हारा बतलब लड़की तुन्हे ये सब सिखाती हैं। यह कौन है जो तुझे इतना अच्छा खाना बनाना सिखा चुकी है मुझे उससे बात करवा।”

 रिधम ने दूसरे दिन लक्ष्मी से कहा, ” माँ आप से बात करना चाहती है। वह कह रही थी इतना अच्छा खाना बनाना तुझे सिखा सकती है। वह खुद कितना अच्छा बनाती होगी। रश्मि ने मां से बात करने के लिए रिधम को यस कह दी थी। रिधम रश्मि से मां की बात करवाता है। मां की बातें सुनकर रश्मि को बड़ा अच्छा लगता है और उनकी बातें करने का तरीका रश्मि को खूब भाता है। रिधम की मां 5 मिनट की कॉल में रश्मि को लगभग 20 बार बेटा बोल चुकी थी। मां ने कहा, “बेटा अगर अभी लॉकडाउन नहीं होता तो मैं तुमसे जरूर मिलती।”

 रश्मि को रिधम की फैमिली अच्छी लगने लगी और यह सिलसिला अब प्यार में बदलता जा रहा था। रश्मि रिधम से पूछती है, ‘क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?” रिधम ने कहा, “हां है, पर ऐसा मैं समझता हूं। उसे पता नहीं क्या लगता है। रश्मि ने फिर जोर देकर पूछा, “कौन है वो?”  रिधम ने कहा, “उसका नाम तो “रश्मि” है।” पर मुझे उससे यह सब कहने में डर लगता है। रश्मि मुँह बनाते हुए कहती है, “तुम कितने नौटंकी करते हो, यह रश्मि मै ही हूं या कोई और?” रिधम ने कहा, “जी हुजूर वो रश्मि आप ही हैं।” यह सुनकर रश्मि खूब खुश होती है।

रश्मि ने कहा, “चलो ठीक है, रिधम को कह देना कि वह भी एक बॉयफ्रेंड रखती है। रिधम ने पूछा, “कौन है वो?”  रश्मि ने कहा, “उसका नाम  भी “रिधम” है। इस बात पर दोनों हंसने लगते हैं। यह हंसी उनके प्यार की शुरुआत थी। अब दोनों खूब मौज मस्ती करने लगे। फोन पर घंटो नहीं रातों को जागकर कॉल पर व्यस्त रहने लगे। रश्मि और रिधम का प्यार ऑनलाइन ही बढ़ता जा रहा था। उन्होंने आपस में मिलने की खूब कोशिश की परंतु बाहर की व्यवस्थाओं को देखते हुए वह अपने प्यार को फेस टू फेस ना करके ऑनलाइन चैटिंग के जरिए आगे बढ़ाने लगे। अब लॉकडाउन खुलने के बाद यह सब क्या करेंगे? आप इसकी कल्पना जरूर करें।

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