Mahila katha vachak | महिला कथा वाचक नाम लिस्ट | प्रसिद्ध महिला कथा वाचक, ‎चित्रलेखा, जया किशोरी

By | June 1, 2023
Mahila katha vachak

देश में कई कथा वाचक हिंदू सनातन धर्म (Sanatan Dharma) के प्रचार को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने और जनकल्याण के कार्य में लगातार लगे हुए है। इस कार्य में महिलाएं भी पीछे नहीं है। देश में कई नवयुवतियां भी लगातार श्रीमद् भागवत गीता (Shrimad Bhawat Geeta), रामचरितमानस (Ramcharitra Manas) का वाचन किया जाता है। देश में महिला कथा वाचकों (Mahila Katha Vachak) के बारे में जानकारी हम आपको देने वाले है, जिनमें जया किशोरी जी, देवी कृष्णा प्रिय जी, देवी प्रतिभा जी, देवी प्रियंका जी, प्राची देवी जी, देवी चंद्रकला जी, देवी वैभवी श्री जी, देवी हेमलता शास्त्री जी, देवी सत्यार्चा जी, यामिनी देवी साहू जी के बारे में हम जानकारी देंगे, तो पूरी जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल आखिर तक जरूर पढ़ें।

राम कथा वाचक नाम लिस्ट देखें

जया किशोरी जी | Jaya Kishori ji) 

जया किशोरी (Jaya Kishori) जी का असली नाम जया शर्मा है और वे आधुनिक युग की मीरा के नाम से प्रसिद्ध है। उनका जन्म 13 जुलाई 1995 में राजस्थान के कुछ छोटे से गांव सुजानगढ़ (sujaangarh) में हुआ था। वे गौड़ ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। बैचलर ऑफ कॉमर्स के साथ-साथ वेदों श्रीमद्भागवत गीता शास्त्रों की भी शिक्षा किशोरी जी ने ली। किशोरी जी कथावाचक और भजन गायिका हैं। भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन होने के कारण उन्हें आज के युग की मीरा बाई कहा जाता है। जया किशोरी जी ने लगभग 10 वर्ष की उम्र से आध्यात्मिक चेतना की ओर अपना कदम बढ़ाया था और सुंदरकांड का पाठ प्रारंभ किया था तभी से वह कथा वाचक के रूप में प्रसिद्धि पा रही है। जया किशोरी देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लोकप्रिय है।

प्रेमानंद जी महाराज वृंदावन

Jaya Kishori YouTube Channel

भगवत कथा वाचक चित्रलेखा | Bhagwat Katha Vachak Chitralekha

महिला कथा वाचक में देवी चित्रलेखा का नाम भी शामिल है। चित्रलेखा का जन्म 19 जनवरी 1997 को हरियाणा के ब्राह्मण परिवार में हुआ था। चित्रलेखा जब महज 4 साल की थी तभी इन्होने बंगाली गुरू गिरधारी बाबा की संस्था से जुड़ीं और वहीँ यह ट्रेंनिग लेने लगी थी। चित्रलेखा जी ने अपना पहला उपदेश उत्तर प्रदेश के बरसाना में दिया था जब ये 6 वर्ष की थी। 

Devi Chitrlekha ji YouTube Channel

देवी कृष्णा प्रिय जी | Devi Krisna Priya ji 

सनातन धर्म के प्रचारक और युवाओं के प्रेरणा स्रोत कृष्णप्रिया देवी जी 360 से भी ज्यादा भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सफलतापूर्वक कर चुकी है और विदेशों जैसे लंदन, सिंगापुर, थाईलैंड, कनाडा, सिडनी इत्यादि में भारतीय संस्कृति का ज्ञान परचम लहरा चुकी है। कृष्णप्रिया जी भारत की प्रसिद्ध कथा वाचिका, मोटिवेशनल स्पीकर और युवा समाजसेवी हैं। वह अपने आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक तथ्यों के समावेश पर आधारित प्रवचनों के लिए विख्यात है। कृष्ण प्रिया (Devi Krisna Priya) का जन्म 26 जनवरी 1997 में वृंदावन (vrindavan) उत्तर प्रदेश के सनाढ्य ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके घर परिवार का माहौल काफी आध्यात्मिक था इसी के चलते यह बचपन से ही ईश्वर भक्ति में लीन रहे। कृष्णप्रिया जी ने 4 वर्ष की उम्र में आरती करना शुरू कर दिया था वहीं 7 वर्ष मैं कौन सी उम्र में दीक्षा प्राप्त कर ली थी।

देवी प्रतिभा जी | Devi Pratibha ji 

बड़ी मधुर शब्दों में कथा वाचन (Devi Pratiba) करने वाली महिला कथा वाचक है। प्रतिभा जी का जन्म 1994 को मध्यप्रदेश के जबलपुर (jalpur) जिले में हुआ था। अपनी कथाओं के माध्यम से लोगों को एक सरल जीवन जीने के मार्ग बताती रहती हैं। उनकी कथा का प्रसारण विभिन्न टेलीविजन चैनलों के माध्यम से किया जाता है।

प्राची देवी जी | Prachi Devi ji

एक भारतीय कथा वाचक और भजन गायिका हैं। जो भक्तों को श्रीमद्भागवत गीता, रामचरितमानस, महाभारत, पद्म पुराण, गरुड़ पुराण और अग्नि पुराण जैसे कई अन्य लोकप्रिय शास्त्रों के संदर्भ लोगों को भगवान की लीलाओं से रूबरू कराती है। प्राची देवी को भागवत कथा का ज्ञान दादा पंडित बाबूलाल शुक्ल से मिला। जब वे 5 साल की हुई थी तब उन्होंने पूरी भागवत गीता का पाठ किया वह अपने धाराप्रवाह पाठ से दर्शकों को मंत्र देती है। प्राची देवी ने 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी करना शुरू कर दिया था लेकिन गीता के ज्ञान को लोगों तक प्रसारित करने के लिए उन्होंने परीक्षा की तैयारी करना छोड़ दिया।

प्राची देवी ने भारत के अलावा यूनाइटेड किंग्डम कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित कई अन्य देशों में भी धार्मिक ग्रंथों का प्रचार किया है। प्राची देवी का जन्म 5 जनवरी 1994 में मध्यप्रदेश में जबलपुर (jabalpur) जिले के ग्राम शाहपुरा (shahpura) में हुआ था। प्राची देवी ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर मध्य प्रदेश से एम.ए. की डिग्री प्राप्त की है। प्राची देवी विवाहिता हैं और इनकी एक बेटी भी है।

सद्गुरु जग्गी वासुदेव

देवी चंद्रकला जी | Devi Chandkala ji

का जन्म प्रभु श्री राम की जन्म स्थली अयोध्या (ayodhya) धाम में हुआ। बचपन से ही आध्यात्मिक पारिवारिक माहौल में रही उन्होंने 10 वर्ष की उम्र से ही प्रभु पद का संगीत गायन शुरू कर दिया था। वहीं 13 वर्ष की उम्र में ही श्री राम कथा का वाचन भी शुरू कर दिया था। अब तक 300 से ज्यादा व्यास पीठ पर श्री राम कथा का वाचन और 200 से अधिक प्रभु भजन पद की स्वर रचना कर चुकी है।

देवी वैभवी श्री जी | Devi Vaibhavi Shri ji

Devi Vaibhavi Shri ji उत्तर प्रदेश राज्य की 31 वर्षीय Mahila katha vachak है। जो पेशे से एक शिक्षिका भी हैं। वह कई बार विदेशों में उच्च स्तरीय अवॉर्ड से सम्मानित हो चुकी है। साध्वी श्री जी ने अध्यात्म और विज्ञान के सहारे मानव कल्याण और भू रक्षा के लिए कई कार्य किए हैं। देवी वैभवी श्री जी लगभग 21 सालों से रामचरितमानस, भागवत कथा, गीता आदि धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान दे रही हैं। इनका जन्म महाराष्ट्र राज्य के अमरावती (amravati) नामक स्थान पर 16 अक्टूबर 1991 में हुआ था इनका असली नाम वैभव श्री अलेकर हैं। ये विभिन्न स्थानों रामचरितमानस का पाठ करने के लिए लोकप्रिय हैं।

देवी हेमलता शास्त्री जी | Devi Hemlata Shastri ji ) 

धार्मिक पथ प्रदर्शक है। वे ईश्वर का आशीर्वाद मांगने वाले भक्तों को धर्म और आध्यात्म से जुड़ी कहानियां सुनाती है। हेमलता शास्त्री का जन्म 5 मार्च 1989 को मथुरा (mathura) के बलदेव (baldev) में हुआ था। हेमलता शास्त्री जी का ज्यादातर समय मथुरा में ही बीता। मथुरा में ही उन्होंने शिक्षा प्राप्त की। बचपन से ही ईश्वर भक्ति में इनकी खास रूचि थी। आज इन्हें पूरे विश्व में महान पूज्य देवी के तौर पर जाना जाता है।

देवी सत्यार्चा जी | Devi Satyacha ji

 राष्ट्रीय कथा वाचिका और गौ सेविका है। देवी सत्यार्चा जी श्रीमद् भागवत और रामकथा की प्रवक्ता हैं। ये वृंदावन (vrindavan) में रहती हैं और वहीं पर अपना चैरिटेबल ट्रस्ट सत्यार्चा सेवाश्रय के नाम से चलाती हैं। वे इस ट्रस्ट की अध्यक्षा है।

यामिनी देवी साहू जी | Yamini Sahu ji

यामिनी देवी साहू जी एक Mahila katha vachak है जो गायत्री परिवार से जुड़ी हुई है और पिछले 10 साल से श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का वाचन कर रही हैं। आपको बता दें गैर ब्राह्मण होने के चलते उन्हें कहीं बार भागवत कथा का वाचन ना करने की धमकियां भी मिली है। महासमुंद (mahasamund) के बागबाहरा (bagbahra) की रहने वाली यामिनी साहू पेशे से एक शिक्षिका है। 

Ram Katha Vachak Listप्रेमानंद जी महाराज वृंदावन
पंडोखर सरकारधीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 
बागेश्वर धाम का रहस्यप्रदीप मिश्रा
नीम करोली बाबासद्गुरु जग्गी वासुदेव

FAQ’s महिला कथा वाचक (Mahila Katha Vachak List)

Q. जया किशोरी जी कहां से है?

Ans. जया किशोरी जी जन्म 13 जुलाई 1995 में राजस्थान के कुछ छोटे से गांव सुजानगढ़ (Sujaangarh) में हुआ था। वे मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली है। वहीं इनका परिवार वर्तमान में कोलकाता में रहते है।

Q. यामिनी देवी साहू जी कौन है?

Ans. यामिनी देवी साहू जी एक गैर ब्राह्मण कथावाचक है और करीब पिछले 10 सालों से कथा वाचन कर रही है। 

Q. कथा वाचक चित्रलेखा कौन है?

Ans. चित्रलेखा प्रसिद्ध कथा वाचक है, चित्रलेखा का जन्म 19 जनवरी 1997 को हरियाणा के ब्राह्मण परिवार में हुआ था। चित्रलेखा जब महज 4 साल की थी तभी इन्होने बंगाली गुरू गिरधारी बाबा की संस्था से जुड़ीं और वहीँ यह ट्रेंनिग लेने लगी थी।

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